दाजिर्लिंग पहाड़ के विकास पर ममता की सरकार का ध्यान नहीं : अहलूवालिया
दाजिर्लिंग। दाजिर्लिंग संसदीय क्षेत्र के सांसद एसएस अहलूवालिया ने अपने दो दिवसीय पहाड़ दौरे के दौरान कहा कि राज्य सरकार को पहाड़ के विकास के लिए काम करना चाहिए। सरकार पहाड़ के विकास पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दाजिर्लिंग पर्वतीय क्षेत्र का विकास करने के लिये 18 जुलाई 2011 के दिन गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन के दस्तावेज पर समझौता किया था। समझौते के तहत राज्य सरकार ने जीटीए को 59 विभाग दिये जाने का समझौता किया था, लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक इन विषयों पर काम नहीं किया है, जो सरासर नाइंसाफी है। राज्य सरकार को अपने वादे पूरे करने चाहिए। एक प्रश्न के जवाब में अहलूवालिया ने कहा कि मैं दाजिर्लिंग लोकसभा क्षेत्र का जनप्रतिनिधि हूं।
यहां के विकास कार्यो के बारे में राज्य सरकार को मुझे बताना चाहिए, लेकिन राज्य सरकार ऐसा नहीं कर रही है। गोरखा समुदाय के 11 जातियों को जनजाति का दर्जा दिये जाने की मांग के संबंध में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा कि मैंने केन्द्रीय जनजाति मंत्री के साथ इस बारे में चर्चा की है और सभी प्रक्रियाओं को पूरा किये जाने के बाद इस संबंध में एक विधेयक सदन में पेश किया जाएगा। दाजिर्लिंग में पासपोर्ट कार्यालय खोले जाने के संदर्भ में अहलूवालिया ने कहा कि सुषमा स्वराज जिस दिन केंद्रीय विदेश मंत्री का पदभार संभाली थी उसी वक्त बधाई देने के लिए मैं उनके पास गया और दाजिर्लिंग जिले में पासपोर्ट कार्यालय खोलने की बात कही। दाजिर्लिंग जिले के सिलीगुड़ी में पासपोर्ट कार्यालय खोलने की बात हुई है।


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