बेंगलुरू में मणिपुरी युवक पर हमला, हमलावर बोले - 'यह भारत है चीन नहीं'
बेंगलुरू। मणिपुर के रहने वाले एक छात्र नेता के साथ मारपीट की घटना प्रकाश में आई है। बताया गया है कि उस पर लड़कों के एक गैंग ने बुधवार देर रात हमला किया था। हमलावर छात्र नेता से कन्नड़ में बात करने के लिए कह रहे थे। हमलावरों ने छात्र नेता से कहा कि तुम्हें कन्नड बोलना आना चाहिए क्योंकि यह भारत है, चीन नहीं। हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज कर कुछ संदिग्ध लड़कों को गिरफ्तार किया है, लेकिन हमलावरों की पहचान अभी भी नहीं हो सकी है। जानकारी के मुताबिक, छात्र नेता टी माइकल लम्झाथांग हाऊकिप (26) पर हमला बुधवार देर रात कोथानूर इलाके में किया गया।
इस इलाके में ज्यादातर बाहरी राज्यों और देशों से आए छात्र रहते हैं। इनमें से ज्यादातर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और अफ्रीका से आए हैं। इस इलाके में पहले भी ऐसे ही हमले हुए हैं। घायल छात्र हाऊकिप मणिपुरी छात्रों के संगठन 'थाडाऊ' का नेता बताया गया है। हमले में उसके सिर और पीठ पर गहरी चोटें आई हैं। फिलहाल वह खतरे से बाहर है। वहीं उसे बचाने की कोशिश में संगठन के दो अन्य छात्रों नगमखोलन हाऊकिप (28) और रॉकी किपजेन (25) को भी मामूली चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि नगमखोलन ने बीते सितंबर में भी ऐसा ही हमला झेला है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वहीं कई संदिग्ध भी हिरासत में लिए गए हैं।
स्थानीय नेता हमलावरों को उकसा रहे थे
माइकल के साथी छात्र ओबेड हाऊकिप के मुताबिक, हमलावर स्थानीय नेताओं के नजदीकी हैं। उन्होंने उनकी मदद की। ओबेड के मुताबिक, वहां एक स्थानीय नेता मौजूद था, जो दिखावे के लिए हमारी मदद कर रहा था, लेकिन असल में वह हमलावरों को पुलिस से बचा रहा था। वहीं एडिशनल कमिश्नर आलोक कुमार का कहना है कि तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
स्थानीय नेता हमलावरों को उकसा रहे थे
माइकल के साथी छात्र ओबेड हाऊकिप के मुताबिक, हमलावर स्थानीय नेताओं के नजदीकी हैं। उन्होंने उनकी मदद की। ओबेड के मुताबिक, वहां एक स्थानीय नेता मौजूद था, जो दिखावे के लिए हमारी मदद कर रहा था, लेकिन असल में वह हमलावरों को पुलिस से बचा रहा था। वहीं एडिशनल कमिश्नर आलोक कुमार का कहना है कि तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
माइकल ने बताया कि सारा विवाद तब शुरू हुआ जब वह अपने दोस्त के साथ सड़क किनारे खड़े ठेले पर खाना खा रहा था। तभी तीन लोग उसके पास आए और कन्नड़ में बोलने लगे। उनके हावभाव देखकर हम समझ रहे थे कि वह क्या कहना चाहते हैं। दरअसल वे चाहते थे कि हम वहां से चले जाएं। लेकिन हमने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया और वहां से जाने लगे। तभी वहां उनके और साथी आ गए और हमारे साथ मारपीट करने लगे। माइकल के मुताबिक. वह पूर्वोत्तर के ही रहने वाले अपने दोस्त लेटमैंग हाऊकिप (35) के साथ बाइक से वहां से जाने लगा, तभी उन लड़कों ने घेर लिया। लड़कों को आक्रामक देख माइकल ने बाइक से छलांग लगा दी और नजदीकी पुलिस स्टेशन की ओर दौड़ने लगा।
इस बीच लड़कों ने भी बाइक से उसका पीछा किया। वे लगातार डंडों और धारदार हथियारों से वार कर रहे थे, जिससे उसके सिर और पीठ में चोटें आईं। इस बीच उसके दोस्त लेटमैंग को लड़कों ने पकड़ लिया, जो अपनी बाइक नहीं छोड़ना चाहता था और मारपीट शुरू कर दी। लेटमैंग के मुताबिक, लड़कों ने उसके पास से कीमती सामान और बाइक के पेपर्स छीन लिए, लेकिन तभी माइकल पुलिस को लेकर वहां पहुंच गया। वहीं घायल माइकल ने बताया कि हमलावर उसे कन्नड़ में बात करने के लिए कह रहे थे। उन्होंने कहा कि 'अगर तुम बाहरी हो, तो तुम्हें पता होना चाहिए कि जो तुम खा रहे हो, वह कर्नाटक में बनता है। तुम्हें कन्नड़ भाषा आनी ही चाहिए क्योंकि यह भारत है चीन नहीं।' माइकल ने बताया कि जब उसने मारपीट का कारण जाना चाहा तो उन्होंने मारना शुरू कर दिया। कोथानुर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के मुताबिक, वहां मौजूद लोगों ने भी हमलावरों का ही पक्ष लिया और माइकल को नहीं बचाया।
इनपुट - भास्कर
इनपुट - भास्कर


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