अल्पसंख्यक गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने बनाई मुस्लिम शाखा
दार्जिलिंग : गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने अपने संगठन की एक मुस्लिम शाखा का गठन किया है। ऐसा माना जा रहा है कि यह कदम अल्पसंख्यक समुदाय को आकर्षित करने के लिए है। जीजेएमएम के नामित अध्यक्ष एम के खान ने कहा, 'जीजेएम के अध्यक्ष बिमल गुरूंग के निर्देश पर हमने गोरखा जनमुक्ति मुस्लिम मोर्चा का गठन दार्जिलिंग के पाटलेबस में किया। हम अपने समुदाय के लोगों के लिए काम करेंगे और जीजेएम की गतिविधियों को मजबूती भी देंगे।' जीजेएमएम ने संगठन के नियमित कार्यों की देख-रेख के लिए 24 कार्यकारी सदस्यों को नामित किया। यह कदम गुरंग द्वारा तीन पहाड़ी उप मंडलों से और पहाड़ के नीचे स्थित तराई एवं दुआर्स से मुस्लिम समुदायों को दिए गए संकेतों के बाद उठाया गया है।
मोर्चा ने पिछले जून में पूरी पहाड़ी जनसंख्या के लाभ के लिए काम करने का संकल्प लेते हुए लगातार बैठकें की थीं। इस जनसंख्या में बड़ी संख्या अल्पसंख्यकों की है। खान ने कहा, 'जीजेएमएम का गठन औपचारिक तौर पर किया गया, तो दार्जिलिंग, कुर्सियांग और कलिंमपोंग और मिरिक के उप-मंडलों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक केंद्रीय समिति अस्तित्व में आ गई।' समुदाय की योजना परिषद निकाय में गोरखालैंड टेरिटोरियल ऐडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) का प्रतिनिधित्व भी बनाए रखने की है। हालांकि, जीटीए के 45 निर्वाचित और पांच नामित सदस्य हैं, लेकिन अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कोई आरक्षण नहीं है।


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