नेपाल सरकार पर दोहरी मानसिकता का आरोप, मधेश राष्ट्र की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी
काठमांडू/बेलहिया। नेपाल के प्रमुख दल के बीच शुक्रवार को हुई बैठक के बाद मार्च महीने में स्थानीय चुनाव की घोषणा और जून में मतदान के निर्णय के बाद सरकार पर दोहरी मानसिकता का आरोप लगाते हुए मदेसी दल के नेताओं ने आंदोलन का विगुल बजा दिया है। कुछ शांति पूर्ण तो कुछ क्रांतिकारी आंदोलन की बात कर रहे हैं तो कुछ दल अलग मदेसी राष्ट्र बनाने बनाने के लिए रणनीति में जुटे हैं। नेपाली संविधान में मधेशी अधिकारों व मांगों को स्थान न मिल पाने से एक बार फिर मधेशियों में उबाल है। रुपंदेही जिले में स्वतंत्र मधेश गठबंधन ने अब नेपाल राष्ट्र से ही विरोध कर आरपार की लड़ाई की रणनीति बनाई है। इसका आगाज 18 फरवरी से मर्चवार क्षेत्र के मझगांवा गांव से होने की खबर है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नासा के वैज्ञानिक व मधेश गठबंधन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर सीके राउत मझगांवा में उसी दिन जनसभा कर मधेश राष्ट्र बनाने के लिए आंदोलन की शुरुआत करेंगे।
मधेशी गठबंधन के स्थानीय कार्यकर्ता अनवर अली, दुर्गा मौर्य, भूपेंद्र यादव, धर्मराज यादव, प्रदीप गौड, आरएन गिरी व जीतेंद्र यादव नें शनिवार को बनगाई गांव में बैठक कर आंदोलन की मजबूती के संबंध में योजना बनाई। बताया कि आंदोलन के लिए नेपाली प्रशासन से मोर्चा लेने के लिए हथियार समेत उतरने की बात बताई।जबकि कुछ दिन पहले नेपाल के पूरब जनकपुर में सीके राउत को एक जनसभा करते समय गिरफ्तार करते लिया गया है जिसका पार्टी कार्यकर्ताओ में रोष है। ऐसे में मर्चवार क्षेत्र में आंदोलन व जनसभा की घोषणा से नेपाली प्रशासन के भी होश उड़ गये हैं। नेपाली प्रशासन ने मर्चवार सहित रुपन्देही, नवल परासी और मदेसी बहुल क्षेत्र कपिलवस्तु में हाई एलर्ट घोषित कर दिया है। मगर मर्चवार क्षेत्र के करीब दो सौ मधेशी गांवों में अलग राष्ट्र बनाने के तेज हो रहे स्वर को देख नेपाल सरकार व प्रशासन के हाथ पांव फूल गये हैं। वहीं मधेसी दल का एक तबका संविधान संशोधन के पूर्व चुनाव कराने को लेकर इसके विपरीत शांतिप्रिय आंदोलन की बात कर रहा है।
मधेशी गठबंधन के स्थानीय कार्यकर्ता अनवर अली, दुर्गा मौर्य, भूपेंद्र यादव, धर्मराज यादव, प्रदीप गौड, आरएन गिरी व जीतेंद्र यादव नें शनिवार को बनगाई गांव में बैठक कर आंदोलन की मजबूती के संबंध में योजना बनाई। बताया कि आंदोलन के लिए नेपाली प्रशासन से मोर्चा लेने के लिए हथियार समेत उतरने की बात बताई।जबकि कुछ दिन पहले नेपाल के पूरब जनकपुर में सीके राउत को एक जनसभा करते समय गिरफ्तार करते लिया गया है जिसका पार्टी कार्यकर्ताओ में रोष है। ऐसे में मर्चवार क्षेत्र में आंदोलन व जनसभा की घोषणा से नेपाली प्रशासन के भी होश उड़ गये हैं। नेपाली प्रशासन ने मर्चवार सहित रुपन्देही, नवल परासी और मदेसी बहुल क्षेत्र कपिलवस्तु में हाई एलर्ट घोषित कर दिया है। मगर मर्चवार क्षेत्र के करीब दो सौ मधेशी गांवों में अलग राष्ट्र बनाने के तेज हो रहे स्वर को देख नेपाल सरकार व प्रशासन के हाथ पांव फूल गये हैं। वहीं मधेसी दल का एक तबका संविधान संशोधन के पूर्व चुनाव कराने को लेकर इसके विपरीत शांतिप्रिय आंदोलन की बात कर रहा है।


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