इंडो-नेपाल बॉर्डर पर भारतीय और नेपाली सुरक्षाबलों में संघर्ष, 6 SSB जवान हुए घायल
लखीमपुर-खीरी : इंडो- नेपाल सीमा पर बसही चेक पोस्ट के पास गुरुवार को विवादित जमीन पर पुल निर्माण को लेकर भारतीय सुरक्षा बल और नेपाली टीमों के बीच आपस में हिंसक झड़पे हुईं। पथराव के बाद जमकर फायरिंग की भी खबर है। वहीँ बॉर्डर पर एसएसबी और नेपाली बलों में टकराव के बाद हालात का जायजा लेने पहुंचे लखीमपुर खीरी के डीएम और एसपी पर भी नेपाली भीड़ ने जमकर पत्थरबाजी की गई। नेपाल की तरफ से हुए पत्थरबाजी में बाल-बाल बचे दोनों अफसर। वहीँ जवाबी कारवाई में एसएसबी ने भीड़ पर आंसू गैस के गोल दागे जिसके बाद से सीमा पर तनाव और बढ़ा। सुबह से ही बंद हैं दोनों देशों की ओर से सीमा पर आवाजाही। संघर्ष में एसएसबी के छह जवान घायल हुए हैं। इस घटना के बाद सीमा पर भारी तनाव है और दोनों देशों की ओर से आवाजाही बंद हो गई है। लखीमपुर से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं।
बसही चेक पोस्ट के पास नो मैंस लैंड पर नेपाल काफी समय से पुल बनाने की कोशिश कर रहा है। जमीन विवादित होने के कारण भारत सुरक्षा कारणों से वहां कोई निर्माण होने नहीं देना चाहता। गुरुवार को नेपाली निर्माण दल के सदस्य नो मैंस लैंड के पास आ गए और फिर निर्माण शुरू कर दिया। भारत की ओर से बॉर्डर पर तैनात एसएसबी ने जब नेपालियों को रोका तो वे भड़क गए। नेपालियों ने एसएसबी पर पथराव शुरू कर दिया। देखते-देखते नेपाली टीम की ओर से गोलियां भी चलाई जाने लगीं। पथराव में एसएसबी के कई जवानों के सिर फट गए। हालात बिगड़ते देख एसएसबी ने भीड़ को खदेड़ने के लिए फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना के बाद तनाव फैल गया है।
बॉर्डर पर संघर्ष की सूचना मिलते ही एसएसबी की मदद में लखीमपुर जिले की थाना सम्पूर्णानगर पुलिस भी पहुंच गई। प्रशासन ने तुरंत ही एसडीएम पलिया शादाब असलह को भी मौके पर भेज दिया। उधर, नेपाल टीम की मदद में वहां की पुलिस और नेपाल प्रहरी दल भी मौके पर आ गए। रुक-रुककर दोनों ओर से फायरिंग होती रही। लखीमपुर प्रशासन ने हालात तनावपूर्ण देख कई और थानों का फोर्स बसही बार्डर पर भेज दिया है। बार्डर पर हुई आवाजाही बिल्कुल रोक दी गई है। घायल जवानों को सम्पूर्णानगर सीएचसी ले जाया गया है।
बसही चेक पोस्ट के पास नो मैंस लैंड पर नेपाल काफी समय से पुल बनाने की कोशिश कर रहा है। जमीन विवादित होने के कारण भारत सुरक्षा कारणों से वहां कोई निर्माण होने नहीं देना चाहता। गुरुवार को नेपाली निर्माण दल के सदस्य नो मैंस लैंड के पास आ गए और फिर निर्माण शुरू कर दिया। भारत की ओर से बॉर्डर पर तैनात एसएसबी ने जब नेपालियों को रोका तो वे भड़क गए। नेपालियों ने एसएसबी पर पथराव शुरू कर दिया। देखते-देखते नेपाली टीम की ओर से गोलियां भी चलाई जाने लगीं। पथराव में एसएसबी के कई जवानों के सिर फट गए। हालात बिगड़ते देख एसएसबी ने भीड़ को खदेड़ने के लिए फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना के बाद तनाव फैल गया है।
बॉर्डर पर संघर्ष की सूचना मिलते ही एसएसबी की मदद में लखीमपुर जिले की थाना सम्पूर्णानगर पुलिस भी पहुंच गई। प्रशासन ने तुरंत ही एसडीएम पलिया शादाब असलह को भी मौके पर भेज दिया। उधर, नेपाल टीम की मदद में वहां की पुलिस और नेपाल प्रहरी दल भी मौके पर आ गए। रुक-रुककर दोनों ओर से फायरिंग होती रही। लखीमपुर प्रशासन ने हालात तनावपूर्ण देख कई और थानों का फोर्स बसही बार्डर पर भेज दिया है। बार्डर पर हुई आवाजाही बिल्कुल रोक दी गई है। घायल जवानों को सम्पूर्णानगर सीएचसी ले जाया गया है।
क्या है विवाद की वजह
बसही चेक पोस्ट के पास भारत और नेपाल की सरहद तय करने वाला पिलर नंबर 199 गायब है। इस वजह से वह जमीन विवादित हो गई है। दोनों देश जमीन को अपना बता रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाका होने के कारण यहां हर साल पानी भरता है और अवाजाही बंद हो जाती है। नेपाल इस इलाके में पुल बनाना चाहता है। एक माह पहले भी इसे लेकर दोनों देशों के लोग आमने-सामने आ चुके हैं। उस समय किसी तरह मामला निपटाया गया था, लेकिन गुरुवार को भारत और नेपाल की टीमों में तनातनी के बीच संघर्ष हो गया।
बसही चेक पोस्ट के पास भारत और नेपाल की सरहद तय करने वाला पिलर नंबर 199 गायब है। इस वजह से वह जमीन विवादित हो गई है। दोनों देश जमीन को अपना बता रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाका होने के कारण यहां हर साल पानी भरता है और अवाजाही बंद हो जाती है। नेपाल इस इलाके में पुल बनाना चाहता है। एक माह पहले भी इसे लेकर दोनों देशों के लोग आमने-सामने आ चुके हैं। उस समय किसी तरह मामला निपटाया गया था, लेकिन गुरुवार को भारत और नेपाल की टीमों में तनातनी के बीच संघर्ष हो गया।


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