बीएड: फीस बढोत्तरी से केंद्रीय विवि के कॉलेज मुक्त
देहरादून. राज्य सरकार ने बीएड संस्थानों के लिए नया फीस ढांचा घोषित कर दिया है, लेकिन इसका लाभ गढ़वाल क्षेत्र के संस्थानों को नहीं मिल पाएगा। दरअसल, गढ़वाल मंडल के अधिकांश निजी बीएड संस्थान एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि से संबद्ध हैं। इसलिए इन पर राज्य सरकार का फीस ढांचा लागू नहीं होता है। इससे निजी संस्थानों की धड़कनें तेज हैं। बीते दिनों निजी संस्थानों ने विवि के अधिकारियों से मिलकर गुहार लगाई कि शासन के घोषित ढांचे को गढ़वाल के संस्थानों में भी लागू किया जाए। निजी बीएड संस्थानों के शुल्क हर तीन साल में रिव्यू किए जाते हैं।इस बार लगभग साढ़े तीन साल बाद शासन ने निजी संस्थानों के लिए प्रबंधन कोटे, स्टेट कोटे और एनआरआइ कोटे के शुल्क ढांचे की घोषणा की। नए शुल्क ढांचे के इसी सत्र से लागू होने की स्थिति में जहां छात्रों को 10 से 15 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ झेलना पड़ेगा, वहीं संस्थानों को लाभ मिलेगा। गढ़वाल क्षेत्र के निजी बीएड संस्थानों में यह शुल्क ढांचा लागू नहीं हो पाएगा। फिलहाल नए ढांचे का लाभ कुमाऊं विवि व तकनीकी विवि से संबद्ध संस्थानों को मिलेगा। गढ़वाल विवि से संबद्ध संस्थानों का फीस ढांचा विवि तय करेगा। केंद्रीय विवि ने बीएड संस्थानों में प्रवेश के लिए 28 अगस्त को परीक्षा कराई है। ऐसे में संस्थानों की कोशिश है कि प्रवेश शुरू होने से पहले नया शुल्क ढांचा लागू हो जाए। बीते दिनों एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस्ड इंस्टीट्यूट्स का प्रतिनिधि मंडल विवि अधिकारियों से मिला। एसोसिएशन के सचिव सुनील अग्रवाल ने बताया कि विवि से अनुरोध किया गया है कि शासन के घोषित ढांचे को गढ़वाल विवि से संबद्ध संस्थानों में भी लागू किया जाए। विवि ने राज्य सरकार से वार्ता करने के बाद फैसला लेने का आश्वासन दिया है।
(साभार - जागरण )

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