भारत के लिए यूथ ओलंपिक 2016 में गोल्ड मेडल जीतना चाहती हूँ - आशा रोका
दीपक राई
भोपाल राज्य अकादमी की युवा बॉक्सर आशा रोका हाल ही में सर्बिया में लगातार दूसरे साल सब जूनियर इंटरनेशनल में पदक जीतने में कामयाब रही। अपनी सफलता के बाद अपने भविष्य की योजनाएं और अपने मन की बाते सांझा की।
वीर गोरखा - दो इंटरनेशनल मेडल्स के बाद अगला लक्ष्य ?
आशा रोका - मैंने खुद को अब यूथ ओलंपिक के लिए तैयार करने पर केंद्रित किया है जो 2016 में होना है। इसके बाद मेरा पूरा फोकस 2020 के ओलंपिक में देश और प्रदेश के लिए मेडल जीतना है।
वीर गोरखा - बॉक्सिंग में आपके आदर्श कौन है ?
आशा रोका - मुझे मेरीकॉम, माइक टायसन और लैला अली बहुत पसंद है एवं इन्हे देखकर और इनके बारे में सुनकर मुझे उत्साह मिलता है।
वीर गोरखा - आप से प्रदेश के अन्य खिलाड़ी उम्मीद लगाए हुए है ?
आशा रोका - देखिए जिस तरह की सुविधाएं अभी मिल रही है उस हिसाब से आने वाले समय में बहुत से प्लेयर्स प्रदेश और देश के लिए मेडल लेकर आएंगे। मेरे से भी बेहतर खेल प्रतिभाएं मौजूद है बाद सही एक्सपोजर और अच्छे प्रदर्शन की देर है।
वीर गोरखा - विदेश के बॉक्सर को मात देना मुश्किल क्यों ?
आशा रोका - देश में जितने भी प्रशिक्षण केंद्र है, उनमे बहुत अच्छी तरह से तकनीक सिखाएं जाते है। लेकिन विदेशी प्लेयर्स की खेल में स्पीड, बेहतर डाईट और उनके फिटनेस ही हम लोगों की सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। हालांकि इंटरनेशनल लेवल में भी अब हमारा प्रदर्शन पहले से बेहतर हुआ है।
वीर गोरखा - आपको अपने वर्ग के मुकाबलो में क्या परेशानी होती है ?
आशा रोका - मैं 50 किलोग्राम के फ्लाईवेट वर्गो में खेलती हूँ। इसलिए मुझे हमेशा वजन कम करना पड़ता है। इसके लिए कड़ी शारीरिक कसरत करना भी शायद मेरे सफल होने की एक वजह है।
वीर गोरखा - किस तरह की कड़ी कसरत?
आशा रोका - मुझे गर्मी में विंटशीटर पहन के स्टेडियम के छककर लगाना काफी मुश्किल भरा होता है। साथ ही वजन ना बढ़े इसलिए संतुलित डाईट का भी विशेष ध्यान देना पड़ता है। इसलिए कई बार मैंने खेल जीवन के शुरूआत में बॉक्सिंग छोड़ने तक का मन बनाया।
वीर गोरखा - अगर आप बॉक्सिंग छोड़ती तो क्या आपको मलाल नहीं होता ?
आशा रोका - बिल्कुल होता। शुरूआत में ऐसा लगा लेकिन परिवार, अच्छे कोच और सुविधाओं ने मुझे बहुत उत्साहित किया और में खेल में बनी रही।
वीर गोरखा - बॉक्सिंग के अलावा क्या शौक है ?
आशा रोका - मुझे शुरू से ही डांसिंग का शौक रहा है लेकिन अपनी व्यस्तताओं के चलते अब मुश्किल से ही अपने शौक पर ध्यान दे पाती। इसके अलावा मुझे दोस्तों के साथ घूमना भी पसंद है।
वीर गोरखा - गोरखा समाज के लड़कियों को क्या सन्देश चाहते हो ?
आशा रोका - हमारे समाज की लड़कियों में प्राकृतिक खेल प्रतिभा होती है बस ज़रूरत है इसको निखारने की। मैं चाहती हूँ कि गोरखा समाज की ढेरों लड़किया खेल के क्षेत्र में अपने समाज और देश का नाम रोशन करें।
ब्रीफ इंफो बर्थडे - 04 -10 -1998
स्थान - भोपाल
अब तक का सफर ---
- नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2010, तमिलनाडु - गोल्ड मेडल
- नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2011, तमिलनाडु - गोल्ड मेडल
- नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप बीएबीएफ 2013, कोलकाता - गोल्ड मेडल
- इंटरनेशनल वूमंस बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2013, सर्बिया - गोल्ड मेडल
- मध्य प्रदेश शासन द्वारा अंडर-19 वर्ग में एकलव्य पुरस्कार 2013
- इंटरनेशनल वूमंस बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2014, सर्बिया - ब्रांज मेडल


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