बीते दिनों की मशहूर अभिनेत्री सुचित्रा सेन का कोलकाता में निधन
कोलकाता: बॉलीवुड अभिनेत्री सुचित्रा सेन का कोलकाता के
अस्पताल में निधन हो गया। वह 83 साल की थीं। उन्हें शुक्रवार सुबह 8.25
बजे दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सुचित्रा पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थीं और उन्हें आईसीयू में
रखा गया था। श्वसन तंत्र में संक्रमण को लेकर 23 दिसंबर को उन्हें अस्पताल
में भर्ती कराया गया था। उन्हें लगातार ऑक्सीजन थेरेपी, चेस्ट
फिजियोथेरेपी और नेबुलाइजेशन पर रखा गया था। वह ठीक से खाना भी नहीं खा पा
रही थीं, जिससे उनके स्वास्थ्य में और गिरावट आ गई थी। 50 के दशक में
अपने अभिनय के दम पर सबके दिलों में राज करने वाली सुचित्रा कोलकाता के सेन
बेल व्यू क्लिनिक में भर्ती थीं।
पारम्परिक मूल्यों को मानने वाले शिक्षक करुनामोय दासगुप्ता की बेटी
सुचित्रा का विवाह आदिनाथ सेन से सन् 1947 में हुआ जब वे मात्र सोलह वर्ष
की थीं। विवाह के चार वर्ष बाद उसकी असफलता को ढोना छोड़कर सुचित्रा सेन ने
अभिनय यात्रा प्रारंभ की। उनकी और उत्तम कुमार के प्रेम की बातें हमेशा
उछाली गई परंतु दोनों ने कभी इकरार किया और ना इनकार किया। उन्होंने `दीप ज्वेले जाई` और `उत्तर फाल्गुनी` जैसी मशहूर बांग्ला
फिल्मों और हिंदी फिल्म `देवदास`, `बंबई का बाबू`, `ममता` और `आंधी` में
काम किया था। उन्हें 1972 में पद्मश्री से नवाजा गया था। सुचित्रा सेन 33 साल से गुमनामी की जिंदगी जी रही थीं। उन्होंने 1978
में फिल्मों में काम करना छोड़ दिया था और उसके बाद से केवल चार मौकों पर
ही वह सार्वजनिक रूप से नजर आई थीं। इसलिए आज की युवा पीढ़ी उन्हें शायद
ही जानती हो। लेकिन ये बातें फिल्मों के दीवानों के दिलों में उन्हें
हमेशा जिंदा रखेंगी...
हिंदी की पांच फिल्में: ‘देवदास’, ‘बंबई का बाबू’, 'सरहद', ‘ममता’ और ‘आंधी’।
मशहूर किरदार: 'देवदास' में पारो।
ये मशहूर गाने: रहें ना रहें हम, महका करेंगे...
इस मोड़ से जाते हैं...
तेरे बिना जिंदगी से कोई...
छुप गया कोई रे...
रहते थे कभी जिनके दिल में हम...
तुम आ गए हो...
खूबसूरती: उन्हें नजर न लगे, इसके लिए शूटिंग के दौरान उनके चेहरे पर जख्म दिया जाता था।


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