ले. जनरल सुहाग ने थलसेना के उप-प्रमुख पद का कार्यभार संभाला
नई दिल्ली : ले. जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने थलसेना के उप-प्रमुख पद का कार्यभार संभाल लिया। उन्हें अगला थलसेना प्रमुख बनाए जाने के संकेत हैं। जनरल सुहाग 1974 में गोरखा राइफल में शामिल हुए थे और उन्हें जम्मू कश्मीर तथा पूर्वोत्तर में उग्रवाद विरोधी अभियान का लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने श्रीलंका में आईपीएकेएफ अभियान में भी भाग लिया था। थलसेना ने दिसंबर 12 में ही सुहाग को अगला उप प्रमुख बनाए जाने की घोषणा की थी। उनके भविष्य पर उस समय अनिश्चितता पैदा हो गयी थी जब तत्कालीन थलसेना प्रमुख जनरल वी के सिंह ने उन पर अनुशासन और सतर्कता प्रोन्नति संबंधी प्रतिबंध लगा दिया था जब वह दीमापुर में तीसरी कोर के प्रमुख पद पर थे। वी के सिंह ने उन पर जिम्मेदारी से हटने और गैर-पेशेवर तरीके से काम करने का आरोप लगाया था।
जनरल बिक्रम सिंह ने जब सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला तक सुहाग पर से लगा प्रतिबंध हटाया गया। इससे जून 2012 में सुहाग की प्रोन्नति का रास्ता प्रशस्त हो सका। जनरल सुहाग को आपरेशन पवन में कंपनी कमांडर के रूप में भी काम करने का अनुभव है। भारतीय शांति सेना (आईपीकेएफ) ने श्रीलंका में आपरेशन पवन शुरू किया था। सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने 33 आर आर की अगुवाई करने के बाद 53 इंफैंट्री ब्रिगेड का नेतृत्व किया था। यह ब्रिगेड कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान में शामिल था। अगर सरकार लंबे समय से लागू वरिष्ठता प्रक्रिया का पालन करती है तो सुहाग थलसेना प्रमुख बिक्रम सिंह के अवकाशग्रहण करने के बाद बल के अगले प्रमुख होंगे। उधर वायुसेना में एयर मार्शल रविकांत शर्मा ने उप प्रमुख का पद भार संभाला। वह 1975 में बल में शामिल हुए थे।


Post a Comment