EC और ममता में ठनी, रद्द हो सकता है पं. बंगाल में चुनाव
वीर गोरखा न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव आयोग से भिड़ गईं है। चुनाव आयोग द्वारा राज्य के एक डीएम और 5 एसपी को चुनावी ड्यूटी से हटाने के आदेश पर ममता ने चुनाव आयोग को जवाब देते हुए अधिकारियों को हटाने से इंकार कर दिया। ममता ने चुनाव आयोग से कहा कि या तो आप कानून व्यवस्था सुधार लें या फिर मुझे कानून व्यवस्था सुधारनें दें। सूत्रों के मुताबिक अगर ममता ने चुनाव आयोग का आदेश नहीं माता तो पश्चिम बंगाल का चुनाव रद्द हो सकता है।
इन अधिकारियों के खिलाफ आयोग को कई शिकायतें मिली थीं। इसी के मद्देनजर आयोग ने इन्हें हटाने का आदेश दिया है। लेकिन ममता ने इन्हें हटाने से साफ इनकार कर दिया है और अपने तेवरों से साफ कर दिया है कि वो आयोग से टकराने में भी कसर नहीं छोड़ेंगी।
आयोग के आदेश से गुस्साई ममता बनर्जी ने पत्रकारों से कहा कि मैं चुनाव आयोग को चुनौती देती हूं कि जब तक मैं सत्ता में हूं आयोग किसी को भी हटाकर दिखाए। मैं किसी भी अधिकारी का तबादला नहीं करूंगी। ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग राज्य सरकार से बात किए बिना अधिकारियों के तबादले का आदेश कैसे दे सकता है? ममता अपने आप को संविधान से भी उपर मानती हैं। वे यह चाहती है कि जो वे
करें वही ठीक है। वास्तव में ममता ने बंगाल को पचास बरस पीछे छोड़ दिया है।
ममता के कारण बंगाल में कोई उद्योग लगाना नहीं चाहता। टाटा जैसे
प्रतिष्ठित उद्योगपति वहां काम नहीं कर सके। उन्होने बंगाल छोड़ने का कारण
ममता को बताया। ममता सुधरें अन्यथा वहां चुनाब रद्द हों और ममता सरकार भी।


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