नगा समझौते के विरोध में कांग्रेस ने उतारे पूर्वोत्तर के तीन मुख्यमंत्री
नई दिल्ली। सरकार पर हमलावर कांग्रेस अब नगा समझौते को लेकर लंबी राजनीतिक लड़ाई लड़ने की तैयारी में जुटी है। पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा गुरुवार को किए गए आक्रमण के बाद अब पार्टी ने अपने तीन मुख्यमंत्रियों को जंग में उतारा है। पार्टी आलाकमान के निर्देश पर कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे उत्तर पूर्व के तीन मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में कांग्रेस ने केंद्र पर हमला बोला। सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए पार्टी के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "देश के इतिहास में पहली बार ऐसा शांति समझौता हुआ है जिसके बारे में न तो कैबिनेट मंत्रियों को पता था, न ही गृह मंत्रालय को इसकी जानकारी दी गई थी।" उन्होंने आगे बताया कि गृह सचिव तक इस समझौते से अनजान थे।
इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकतांत्रिक मूल्यों को तोड़ा है। मामले के राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होने के मद्देनजर पार्टी ने समझौते का स्वागत भी किया। सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस नगा समझौते का स्वागत करती है, लेकिन जिस तरह से उत्तर-पूर्व के तीन राज्यों को अंधेरे में रखा गया, वह संघीय ढांचे के मूल्यों के खिलाफ है। सुरजेवाला ने कांग्रेस कार्यकाल के दौरान हुए पंजाब समझौता, मिजो समझौता और असम समझौते का उल्लेख किया और कहा कि हमने सभी को विश्वास में लेकर यह समझौते किए थे।
अपनी जमीन का एक इंच नहीं देंगे
आलाकमान के निर्देश पर पार्टी मुख्यालय पहुंचे अरुणाचल प्रदेश, असम और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि नगा समझौते से पहले उनसे राय नहीं ली गई। तीनों मुख्यमंत्रियों ने समझौते के बारे में किसी तरह की जानकारी न होने का उल्लेख करते हुए कहा कि "वे अपनी जमीन का एक इंच भी नहीं देंगे।"
अपनी जमीन का एक इंच नहीं देंगे
आलाकमान के निर्देश पर पार्टी मुख्यालय पहुंचे अरुणाचल प्रदेश, असम और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि नगा समझौते से पहले उनसे राय नहीं ली गई। तीनों मुख्यमंत्रियों ने समझौते के बारे में किसी तरह की जानकारी न होने का उल्लेख करते हुए कहा कि "वे अपनी जमीन का एक इंच भी नहीं देंगे।"


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