गोरखा कल्याण परिषद्,उत्तराखंड की बर्खास्त कार्यकारिणी का हो सकता है पुनर्जन्म!
वीर गोरखा न्यूज पोर्टल
देहरादून। गोरखा कल्याण परिषद्, उत्तराखंड से हटाये गए दायित्वधारियों के चेहरे खिले। राष्ट्रपति शासन के दौरान लिए गए निर्णय को पलटा जा सकता है। सरकार के बहाल होते ही दायितधारी अपने विभाग में संपर्क साध कर स्थिति का जायजा ले रहे है। कल भी जैसे ही नैनीताल हाईकोर्ट का फैसला आया तो सबसे ज़्यादा ख़ुशी हटाए गए परिषद् के दायित्वधारी में नजर आई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार माना जा रहा है कि अब परिषद के सम्बन्ध में रावत सरकार नए सिरे से आदेश जारी कर पुराने कार्यकारिणी को यथावत रखकर गोर्खा वोट बैंक को खुश कर सकते है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजपाल ने राज्य में सरकार द्वारा नियुक्त किए गए कई परिषदें भंग कर दी थी। उसी क्रम में उत्तराखंड राज्य की गोरखा कल्याण परिषद की भी कार्यकारिणी को बर्खास्त कर दिया था। जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल ( रिटायर्ड) शक्ति गुरुंग को दिसंबर माह में अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं 29 अप्रैल को विधानसभा सदन में होने वाले विश्वासमत के बाद आदेश जारी करने के लिए भी सत्ता के पुरोधा विचार कर रहे है।
देहरादून। गोरखा कल्याण परिषद्, उत्तराखंड से हटाये गए दायित्वधारियों के चेहरे खिले। राष्ट्रपति शासन के दौरान लिए गए निर्णय को पलटा जा सकता है। सरकार के बहाल होते ही दायितधारी अपने विभाग में संपर्क साध कर स्थिति का जायजा ले रहे है। कल भी जैसे ही नैनीताल हाईकोर्ट का फैसला आया तो सबसे ज़्यादा ख़ुशी हटाए गए परिषद् के दायित्वधारी में नजर आई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार माना जा रहा है कि अब परिषद के सम्बन्ध में रावत सरकार नए सिरे से आदेश जारी कर पुराने कार्यकारिणी को यथावत रखकर गोर्खा वोट बैंक को खुश कर सकते है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राजपाल ने राज्य में सरकार द्वारा नियुक्त किए गए कई परिषदें भंग कर दी थी। उसी क्रम में उत्तराखंड राज्य की गोरखा कल्याण परिषद की भी कार्यकारिणी को बर्खास्त कर दिया था। जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल ( रिटायर्ड) शक्ति गुरुंग को दिसंबर माह में अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं 29 अप्रैल को विधानसभा सदन में होने वाले विश्वासमत के बाद आदेश जारी करने के लिए भी सत्ता के पुरोधा विचार कर रहे है।


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