उत्तराखंडः चमोली और पिथौरागढ़ में कई जगह फटे बादल, 30 लोग जिंदा दफन
देहरादून : उत्तराखंड में हुई बारिश ने कहर बरपा दिया है। यहां चमोली और पिथौरागढ़ में बादल फटने से दर्जनों लोग लापता हो गए हैं। वहीं बदरीनाथ हाईवे भी मलबा आने से जगह-जगह बंद हो गया है। बदरीनाथ से गौचर में बीच करीब तीन हजार यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। गुरुवार रात से हो रही बारिश ने उत्तराखंड के चमोली और पिथौरागढ़ जिले में तबाही मचा दी है। पिथौरागढ़ जिले के बतसड़ी में गई घर जमींदोज होने की सूचना है। इस घटना में 30 लोगों के जिंदा दफन होने की आशंका जताई जा रही है। पांच के शव निकाले जा चुके हैं। फिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं चमोली में घाट ब्लॉक के जाखड़ी गांव में बादल फटने से चीख पुकार मच गई। बादल फटने की घटना के बाद गांव के चार लोगों के लापता हो गए। दसोली ब्लॉक के सिरों गांव के बीच से बहने वाले गदेरे में ऊफान आने से दो लोग बह गए। इनके शव बरामद किए जा चुके हैं।
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद गुरुवार देर रात उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मेघ जमकर बरसे। पहाड़ी इलाकों में आफत की इस बारिश ने एक बार फिर 2013 में आई आपदा की याद दिला दी। नदियों में आई बाढ़ से कई घर बह गए और दो लोगों के भी बहने की खबर है। गढ़वाल के पहाड़ी इलाकों मे भारी बारिश के कारण अलकनंदा ऊफान पर आ गई और 2013 की आपदा जैसा मंजर आंखों के सामने फिर से आ गया। नदी किनारे रहने वाले लोग खौफ में आकर अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। चमोली जनपद के घाट विकास खंड में मंदाकिनी नदी में बाढ़ आने से पुराने बाजार में स्थित दो मकान बह गए। एक बच्चे और बुजर्ग के बहने की भी खबर है।
घाट विकास खंड में नदी के तेज बहाव के कारण कई भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं। वहीं बीएसएनल की संचार सेवा भी ठप हो गई है। प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। गोपेश्वर में गुरुवार रात्रि से हो रही बारिश से नदियां और गदेरे ऊफान पर आ गए हैं। नदियों से घाट और दशोली ब्लॉक के गांवों में काफी नुकसान होने की सूचना है। जिले में कई जगह हाईवे बंद हो गए हो गए। चमोली के पास हाईवे पर सैकडों तीर्थ यात्रियों के फंसने की खबर है। वहीं सिरोली गांव में दो लोगों के लापता होने की खबर है। वहीं श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद गुरुवार देर रात उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मेघ जमकर बरसे। पहाड़ी इलाकों में आफत की इस बारिश ने एक बार फिर 2013 में आई आपदा की याद दिला दी। नदियों में आई बाढ़ से कई घर बह गए और दो लोगों के भी बहने की खबर है। गढ़वाल के पहाड़ी इलाकों मे भारी बारिश के कारण अलकनंदा ऊफान पर आ गई और 2013 की आपदा जैसा मंजर आंखों के सामने फिर से आ गया। नदी किनारे रहने वाले लोग खौफ में आकर अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। चमोली जनपद के घाट विकास खंड में मंदाकिनी नदी में बाढ़ आने से पुराने बाजार में स्थित दो मकान बह गए। एक बच्चे और बुजर्ग के बहने की भी खबर है।
घाट विकास खंड में नदी के तेज बहाव के कारण कई भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं। वहीं बीएसएनल की संचार सेवा भी ठप हो गई है। प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। गोपेश्वर में गुरुवार रात्रि से हो रही बारिश से नदियां और गदेरे ऊफान पर आ गए हैं। नदियों से घाट और दशोली ब्लॉक के गांवों में काफी नुकसान होने की सूचना है। जिले में कई जगह हाईवे बंद हो गए हो गए। चमोली के पास हाईवे पर सैकडों तीर्थ यात्रियों के फंसने की खबर है। वहीं सिरोली गांव में दो लोगों के लापता होने की खबर है। वहीं श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।


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