गोर्खाली सुधार सभा, देहरादून का तुगलकी फरमान - गैर गोरखा लोग ना पहने 'गोर्खाली ढाका टोपी'
दीपक राई
वीर गोरखा न्यूज नेटवर्क
देहरादून।
बेहद चौंकाने वाले घटनाक्रम में आज राजधानी में गोरखा समाज के मंदिर समझे
जाने वाले गोर्खाली सुधार सभा ने गैर गोरखा लोगों को गोर्खाली ढाका टोपी ना
पहनाने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया है। सभा की मासिक साधारण बैठक के
दौरान यहां सभा के ही महिला प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सारिका प्रधान की देहरादून में निःशुल्क गोर्खाली
टोपी वितरण कार्यक्रम के आयोजकों को अब भविष्य में केवल गोरखा लोगों को ही
टोपी बांटने का दुर्भाग्यपूर्ण फरमान जारी किया गया। बैठक में गोर्खाली सुधार सभा के वरिष्ठ
उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) नारायण थापा ने सभा की तरफ से
गोर्खाली टोपी को गैर गोरखा लोगों को सम्मान का हवाला देकर टोपी वितरण
आयोजकों को इसे केवल गोरखा समाज तक सीमित करने को कहा, जिसको लेकर बैठक में
ही मौजूद शाखा अध्यक्षों ने विरोध दर्ज करवाया। इसी बात को लेकर वाद-विवाद
की स्थिति निर्मित हो गयी।
हैरत
की बात तो यह है कि देहरादून में गोर्खाली सुधार सभा विगत 78 सालों से
निरंतर गोर्खाली संस्कृति के उत्थान में प्रयासरत है। अब उसी संस्था द्वारा
गोर्खाली संस्कृति की परिचायक ढाका टोपी के विरोध में फैसला लिया जा रहा
है। इसके पीछे सभा के सीनियर लोग का हास्यापद तर्क यह है कि आमतौर पर गैर
गोरखा लोग गोर्खाली टोपी का सम्मान नहीं करते। जबकि देश-दुनियाभर के गोरखा
समाज में गोर्खाली टोपी को पहनाना सम्मान देना समझा जाता है।
चुनाव
से इन वक्त पहले इस फिजूल के विवाद ने एक नए बहस को जन्म दे दिया है कि
क्या वाकई गैर गोरखा लोगों को गोर्खाली टोपी पहनाना चाहिए या नहीं। जो भी
हो लेकिन सभा के अंदर ही इस तरह के दुर्भाग्यपूर्ण बातें समाज में गुटबाजी
को जन्म दे रहा है।
गोर्खाली टोपी पहनना और पहनाना सम्मान की बात
दुनियाभर
में गोरखा समाज के सांस्कृतिक एवं अन्य कार्यक्रमों में सांस्कृतिक सदभाव
के तौर पर एनी समुदाय के लोगों को प्रतीक स्वरुप गोर्खाली टोपी पहनाया जाता
है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई अवसरों पर गोर्खाली टोपी पहन चुके
है। जिसे देखकर समाज के सभी लोगों का सीना गर्व से फुल गया था। फिल्मों में
सुनील दत्त, शाहरुख खान, रणबीर कपूर, आमिर खान, राजेश खन्ना, प्राण जैसे
अन्य समुदाय के बड़े नामचीन लोग भी कई अवसरों पर गोर्खाली टोपी पहनकर
गोर्खाली समाज के प्रति सम्मान दिखा चुके है।
संस्कृति की पहचान गोर्खाली टोपी को बांटना रखूंगी जारी : सारिका प्रधान
संस्कृति की पहचान गोर्खाली टोपी को बांटना रखूंगी जारी : सारिका प्रधान
विगत
दो सालों से गोरखा समाज के सांस्कृतिक परिधान और मान -सम्मान का प्रतीक
गोर्खाली ढाका टोपी को संपूर्ण देहरादून में निःशुल्क वितरण करने का अभियान
चला रही गोर्खाली सुधार सभा की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सारिका प्रधान
ने बैठक में दिए फरमान को दुर्भाग्यशाली बताया। उन्होंने कहा कि वह समाज के
गौरव के प्रतीक गोर्खाली टोपी को आगे भी गोरखा समाज के अलावा अन्य सभी
समुदाय के गणमान्य लोगों को हमारे समाज के साथ जोड़ने के रूप में बांटना
जारी रखेंगी।


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