अस्थायी कर्मचारी जीटीए में स्थायी स्थानांतरित होंगे
दार्जिलिंग। पिछले कई दिनों से दार्जिलिंग गोरखा पार्वत्य परिषद में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों को गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन में स्थायी किया जाएगा। जीटीए मसौदे पर हस्ताक्षर के बाद अब अस्थायी कर्मचारियों को इंतजार है कि उन्हें स्थायी किया जाएगा। दार्जिलिंग के विधायक त्रिलोक देवान ने बताया कि जीटीए में यह प्रस्तावित है और इसके लिए मानक भी तैयार कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि 10 वर्ष दागोपाप में बिता चुके अस्थायी कर्मचारियों को जीटीए में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए मसौदे में उल्लेख कर दिया गया है। अस्थायी कर्मचारियों ने दागोपाप के विकास और विभिन्न योजनाओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई है और इसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।अस्थायी कर्मचारियों को जीटीए में शामिल किये जाने से विकास कार्यो में और तेजी लाई जा सकेगी। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख विमल गुरुंग ने भी पूर्व में यह घोषणा की थी कि अस्थायी कर्मचारियों का स्थायीकरण किया जाएगा। हालांकि इसके लिए मानक बनाए जाने की भी बात उन्होंने की थी। दूसरी ओर, इस बाबत जनमुक्ति अस्थायी कर्मचारी संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष मचिंद्र सुब्बा ने कहा कि जीटीए दागोपाप से कई गुना अच्छी और कारगर व्यवस्था है। इससे पहाड़ का विकास होगा और अधूरी योजनाओं को भी पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जीटीए में अस्थायी कर्मचारियों को सेमी तौर पर स्थायी किया जाएगा। इसके तहत 10 वर्ष का मानक बनाया गया है और इसके बाद वह कर्मचारी मान लिए जाएंगे। उन्हें प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा और सेवानिवृत्त होने पर एक मुश्त एक लाख रुपए मिलेंगे। यह काफी खुशी की बात है। इससे भी ज्यादा खुशी की बात यह है कि जीटीए में सी और डी समूह के कर्मचारियों की सीधी भर्ती होगी। इसके लिए विमल गुरुंग ने भी आश्वस्त किया है कि काम के आधार पर भर्ती
(साभार - जागरण)

Post a Comment