बिग-बी जैसा स्टारडम हासिल नहीं किया जा सकता, ऐसी शख्सियत सदियों में एक : अभिषेक
मुंबई: अभिनेता
अभिषेक बच्चन का मानना है कि अमिताभ बच्चन द्वारा हासिल किए गए
'मेगा-स्टारडम' को हासिल करने का ख्याल किसी को नहीं रखना चाहिए, क्योंकि
ऐसी शख्सियत सदियों में एक ही होती है।
चार दशक से ज्यादा के करियर में बिग बी ने 'दीवार', 'जंजीर', 'डॉन',
'शोले', 'नमक हलाल', 'अभिमान', 'बागबान', 'ब्लैक', 'पा' जैसी फिल्मों में
शानदार अभिनय किया है। कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 72 वर्षीय अमिताभ को पद्मश्री, पद्म
भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। अभिषेक ने कहा, 'मेरे
पिता ने जो सुपर स्टारडम हासिल किया है, मैं उसे प्राप्त करने की
महत्वाकांक्षा नहीं रखता। कोई भी ऐसा करने के लिए महत्वाकांक्षा नहीं रख
सकता और न ही किसी को रखनी ही चाहिए क्योंकि यह संभव है ही नहीं।'
उन्होंने कहा, 'अमिताभ सदियों में एक बार ही आते हैं। अच्छा होगा कि इस बात
को स्वीकार किया जाए और आगे बढ़ा जाए। आप मेहनत करके अपना अलग मुकाम
बनाओ।' बिग बी, विजय नांबियार की आगामी फिल्म 'वजीर' में दिखाई देंगे।
इस फिल्म में वह लकवाग्रस्त शतरंज खिलाड़ी की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म
में उनके साथ फरहान अख्तर और अदिति राव हैदरी हैं। अभिषेक ने कहा कि अपने
पिता को एक बड़ी उम्र में पहुंच जाने के बावजूद खुद में नयापन लाते हुए
देखना बेहद प्रेरणादायी है। अभिषेक ने कहा, 'मैंने अभी तक फिल्म देखी नहीं है। मैंने इसका टीज़र देखा
है और मुझे यह बहुत पसंद आया। यह शानदार है।
इस उम्र में भी उन्होंने खुद
को एकदम नए रूप में ढाल लिया। यह एक खास कौशल है। उन्होंने हमेशा शानदार
फिल्में की हैं।' अभिषेक ने बॉलीवुड में 15 साल पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान
उन्होंने अपनी विफलताओं से बहुत कुछ सीखा है। 'युवा', 'बंटी और बबली',
'गुरू', 'सरकार', 'सरकार राज', 'दोस्ताना', 'धूम' सीरीज, 'पा' जैसी फिल्मों
में उनकी भूमिकाएं बेहद सराही गईं।
अभिषेक ने कहा, 'बॉलीवुड में 15 साल हो गए हैं। मैंने इसका आनंद लिया और
बहुत कुछ सीखा है। मैंने अपने 15 साल के सफर से सब कुछ सीखा है। आपका सफर
सिखाने वाला होना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'इंसान को सफलता से तो सीखना ही
चाहिए लेकिन विफलता से कहीं अधिक सीखना चाहिए। अंतर इसी बात से पड़ता है कि
आप सफलता और विफलता को किस तरह लेते हैं।'
अभिषेक का मानना है कि बॉलीवुड में एक सुपरस्टार का बेटा होना दीर्घकाल में कोई मायने नहीं रखता क्योंकि किसी अभिनेता को काम तभी मिलेगा, जब उसे दर्शकों द्वारा पसंद किया जाएगा। अभिषेक ने कहा, 'मैं एक सकारात्मक व्यक्ति हूं और मैं निराश होकर गिरता नहीं हूं। मैं कह सकता हूं कि मैंने 15 साल तक काम किया है। यह अवसर दर्शकों द्वारा आपको दिया जाता है और यह बिल्कुल मायने नहीं रखता कि आप किसके बेटे या किसके पोते हैं।' उन्होंने कहा, 'दर्शक तय करते हैं कि वे आपको कितना देखना चाहते हैं। यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मुझे दर्शकों का मनोरंजन करने का मौका मिला।' अभिषेक की आने वाली फिल्मों में उमेश शुक्ला की 'ऑल इज वेल', 'हेराफेरी 3' और 'हाउसफुल 3' शामिल हैं।
अभिषेक का मानना है कि बॉलीवुड में एक सुपरस्टार का बेटा होना दीर्घकाल में कोई मायने नहीं रखता क्योंकि किसी अभिनेता को काम तभी मिलेगा, जब उसे दर्शकों द्वारा पसंद किया जाएगा। अभिषेक ने कहा, 'मैं एक सकारात्मक व्यक्ति हूं और मैं निराश होकर गिरता नहीं हूं। मैं कह सकता हूं कि मैंने 15 साल तक काम किया है। यह अवसर दर्शकों द्वारा आपको दिया जाता है और यह बिल्कुल मायने नहीं रखता कि आप किसके बेटे या किसके पोते हैं।' उन्होंने कहा, 'दर्शक तय करते हैं कि वे आपको कितना देखना चाहते हैं। यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मुझे दर्शकों का मनोरंजन करने का मौका मिला।' अभिषेक की आने वाली फिल्मों में उमेश शुक्ला की 'ऑल इज वेल', 'हेराफेरी 3' और 'हाउसफुल 3' शामिल हैं।


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