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तवांग मैराथन में सिक्किम की गोर्खाली बेटी बिनीता कामी बनीं फुल मैराथन चैंपियन

वीर गोरखा न्यूज नेटवर्क 
तवांग, अरुणाचल प्रदेश
भारत की सबसे कठिन हाई-एल्टीट्यूड मैराथन में इस बार पहाड़ की बेटी ने बाजी मारी है। सिक्किम राज्य के पूर्वी सिक्किम जिले के सिंगतम की रहने वाली बिनीता कामी ने तवांग मैराथन 2026 के चौथे संस्करण में महिला फुल मैराथन (42.195 किमी) का खिताब अपने नाम कर लिया है। समुद्र तल से लगभग 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित ग्यालवा त्सांगयांग ग्यात्सो हाई एल्टीट्यूड स्टेडियम से शुरू हुई इस रेस में बिनीता ने 3 घंटे 53 मिनट 31 सेकेंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने दार्जिलिंग की समजना सुब्बा (3:59:33) और मेघालय की डकाही किंदैत (4:08:31) को पीछे छोड़ा।

{ 4500 से ज्यादा धावकों ने लिया हिस्सा }
अरुणाचल प्रदेश सरकार और भारतीय सेना द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस मैराथन में इस साल 4500 से ज्यादा धावकों ने हिस्सा लिया। केन्या, इथियोपिया और नेपाल समेत कई देशों के धावक भी इस रेस का हिस्सा बने। रेस को अरुणाचल के खेल मंत्री केंटो जिनी ने फ्लैग ऑफ किया। आयोजकों के अनुसार पतली हवा, पहाड़ी रास्ता और बदलते मौसम के कारण यह देश की सबसे चुनौतीपूर्ण मैराथन में से एक है।

{ कौन हैं बिनीता कामी }
बिनीता कामी सिक्किम की एक उदयीमान ट्रेल रनर हैं। वर्तमान में वह अपनी ट्रेनिंग गैंगटोक में रहकर कर रही है। इससे पहले भी वह चिवाभंजन 10K ट्रेल रन में भी पोडियम फिनिश कर चुकी हैं, जहाँ उन्होंने सिंगतम, ईस्ट सिक्किम का प्रतिनिधित्व करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया था।भारतीय गोर्खाली समुदाय से आने वाली बिनीता की इस जीत को पूरे सिक्किम-दर्जिलिंग क्षेत्र में गर्व के तौर पर देखा जा रहा है।
{ पुरुष वर्ग में अनिश थापा मगर विजेता }
पुरुष फुल मैराथन में अनिश थापा मगर ने 2:38:51 के समय के साथ जीत दर्ज की, उनके बाद मुकेश कुमार और निखिल संतोष सिंह रहे। तवांग मैराथन का उद्देश्य सिर्फ खेल नहीं, बल्कि सीमावर्ती तवांग क्षेत्र में खेल पर्यटन और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना भी है।

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