20 अक्टूबर 2019 : असम के वीर सपूत हवलदार पद्म बहादुर श्रेष्ठ की शहादत
दीपक राई
वीर गोरखा न्यूज नेटवर्क
असम के गोलाघाट जिले के दिघाली गांव के निवासी, 3/9 गोरखा राइफल्स के वीर हवलदार पद्म बहादुर श्रेष्ठ ने 20 अक्टूबर 2019 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। हवलदार पद्म बहादुर स्व. श्री धन बहादुर और श्रीमती दिलकुमारी देवी के पुत्र थे। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय सेना में प्रवेश लिया और उन्हें वीरता के लिए प्रसिद्ध 9 गोरखा राइफल्स रेजिमेंट की 3/9 गोरखा राइफल्स बटालियन में भर्ती किया गया। वर्ष 2019 तक वे दो दशकों से अधिक की सेवा पूरी कर एक समर्पित और युद्ध में निपुण सैनिक के रूप में स्थापित हो चुके थे।
2019 में उनकी यूनिट नियंत्रण रेखा (LoC) के पास तंगधार सेक्टर में तैनात थी। 20 अक्टूबर 2019 को पाकिस्तानी सैनिकों ने 2003 के संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करते हुए बिना किसी उकसावे के भारतीय चौकियों और नागरिक क्षेत्रों पर भारी गोलाबारी शुरू कर दी। भारतीय सेना ने पाकिस्तानी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब दिया और कई घंटों तक दोनों तरफ से भारी गोलीबारी जारी रही। इसी दौरान अग्रिम चौकी पर तैनात हवलदार पद्म बहादुर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत फील्ड अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली और वीरगति को प्राप्त हुए।
हवलदार पद्म बहादुर श्रेष्ठ के परिवार में उनके पिता, माता, पत्नी, एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। उनके इस सर्वोच्च बलिदान को गोर्खाली समुदाय और पूरा देश हमेशा याद रखेगा।
जय हिंद, जय गोरखा!

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